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Saturday, 2 June 2018

प्राक्सीमा ब : सूर्य के निकटस्थ तारे की परिक्रमा करते जीवन की संभावना योग्य ग्रह की खोज

वैज्ञानिको ने सूर्य के निकटस्थ तारे ’प्राक्सीमा सेंटारी’ की परिक्रमा करते जीवन की संभावना योग्य ग्रह की खोज की है। प्राक्सीमा सेंटारी एक लाल वामन तारा है जो कि सूर्य से केवल 4.24 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। जब भी सौर बाह्य ग्रहो की खोज मे पृथ्वी के आकार के छोटे ग्रहों की खोज होती है, एक सनसनी सी फ़ैल जाती है। पिछले कुछ सप्ताह से समाचारो मे लाल वामन तारे प्राक्सीमा सेंटारी की परिक्रमा करते एक पृथ्वी के जैसे ग्रह की खोज की अफ़वाहे सामने आ रही थी। खगोलशास्त्रीयों ने 24 अगस्त 2016 को इस खोज की पुष्टि कर दी है। चिली की अंतरिक्ष वेधशाला ने प्राक्सीमा सेंटारी तारे की परिक्रमा करते हुये पृथ्वी के तुल्य द्रव्यमान वाले एक ग्रह की खोज की है। यह ग्रह हमारे खगोलिय पड़ोस मे है तथा केवल 4.24 प्रकाशवर्ष की दूरी पर है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि यदि परिस्थितियाँ अनूकूल रही तो इस ग्रह की कक्षा ऐसी है कि यह इतना उष्ण होगा कि इस ग्रह की सतह पर द्रव जल की उपस्थिति होना चाहीये। यह ग्रह हल्के लाल रंग से प्रकाशित होता है तथा एक तीन तारों वाली प्रणाली के सबसे छोटे तारे की परिक्रमा करता है जिसका नाम प्राक्सीमा सेंटारी है। यह तारा प्रणाली नरतुरंग तारामंडल(Centaurus) की ओर देखी जा सकती है। इस तारा प्रणाली का मुख्य तारा अल्फा सेंटारी एक लंबे समय से विज्ञान फतांशी लेखको की पसंद रहा है, इस तारे को मानवीय खगोलीय यात्राओं का पहला पड़ाव माना जाता रहा है, साथ ही इस तारे को भविष्य मे पृथ्वी पर जीवन संभव ना होने की स्थिति मे भविष्य की मानव सभ्यता के लिये बचाव केंद्र माना जाता रहा है। हार्वर्ड स्मिथसन सेंटर फ़ार आस्ट्रोफिजिक्स(Harvard-Smithsonian Center for Astrophysics) के वैज्ञानिक अवी लोवेब(Avi Loeb) के अनुसार प्राक्सीमा सेंटारी तारे के पास एक चट्टानी जीवन योग्य ग्रह आज से पांच अरब वर्ष पश्चात सूर्य की मृत्यु की स्थिति मे मानव के लिये नये घर के लिये सबसे प्राकृतिक चुनाव रहेगा। प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी या मित्र सी, जिसका बायर नाम α Centauri C या α Cen C है, नरतुरंग तारामंडल में स्थित एक लाल बौना तारा है। हमारे सूरज के बाद, प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी हमारी पृथ्वी का सब से नज़दीकी तारा है और हमसे 4.24 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर है। फिर भी प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी इतना छोटा है के बिना दूरबीन के देखा नहीं जा सकता। पृथ्वी से यह मित्र तारे (अल्फ़ा सॅन्टौरी) के बहु तारा मंडल का भाग नज़र आता है, जिसमें मित्र "ए" और मित्र "बी" तो द्वितारा मंडल में एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण से बंधे हुए हैं, लेकिन प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी उन दोनों से 0.24 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर है जिस से पक्का पता नहीं कि यह पृथ्वी से केवल उनके समीप नज़र आता है या वास्तव में इसका उनके साथ कोई गुरुत्वाकर्षक बंधन है। प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी या मित्र सी, जिसका बायर नाम α Centauri C या α Cen C है, नरतुरंग तारामंडल में स्थित एक लाल बौना तारा है। हमारे सूरज के बाद, प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी हमारी पृथ्वी का सब से नज़दीकी तारा है और हमसे 4.24 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर है। फिर भी प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी इतना छोटा है के बिना दूरबीन के देखा नहीं जा सकता। पृथ्वी से यह मित्र तारे (अल्फ़ा सॅन्टौरी) के बहु तारा मंडल का भाग नज़र आता है, जिसमें मित्र “ए” और मित्र “बी” तो द्वितारा मंडल में एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण से बंधे हुए हैं, लेकिन प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी उन दोनों से 0.24 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर है जिस से पक्का पता नहीं कि यह पृथ्वी से केवल उनके समीप नज़र आता है या वास्तव में इसका उनके साथ कोई गुरुत्वाकर्षण बंधन है। 
प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी या मित्र सी, जिसका बायर नाम α Centauri C या α Cen C है, नरतुरंग तारामंडल में स्थित एक लाल बौना तारा है। हमारे सूरज के बाद, प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी हमारी पृथ्वी का सब से नज़दीकी तारा है और हमसे 4.24 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर है। फिर भी प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी इतना छोटा है के बिना दूरबीन के देखा नहीं जा सकता। पृथ्वी से यह मित्र तारे (अल्फ़ा सॅन्टौरी) के बहु तारा मंडल का भाग नज़र आता है, जिसमें मित्र “ए” और मित्र “बी” तो द्वितारा मंडल में एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण से बंधे हुए हैं, लेकिन प्रॉक्सिमा सॅन्टौरी उन दोनों से 0.24 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर है जिस से पक्का पता नहीं कि यह पृथ्वी से केवल उनके समीप नज़र आता है या वास्तव में इसका उनके साथ कोई गुरुत्वाकर्षण बंधन है। इस ग्रह की खोज की घोषणा से पहले ही “ब्रेकथ्रू स्टारशाट( Breakthrough Starshot)” परियोजना के वैज्ञानिको ने अल्फा सेंटारी तारा प्रणाली की ओर इस सदी के अंत से पहले नन्हे अंतरिक्ष यान भेजने की योजना बनाई है। लेकिन इस ग्रह से निकट भविष्य मे कोई सूचना आने की आशा ना रखें। प्रकाशगति की 20% गति से चलने वाले अंतरिक्ष यान को प्राक्सीमा सेंटारी तक पहुंचने मे ही 20 वर्ष लग जायेंगे, उसके पश्चात उससे पृथ्वी तक कोई सूचना पहुंचने मे 4.24 वर्ष लग जायेंगे। खगोल विज्ञान मे रूची रखने वाले जानते होंगे कि अल्फ़ा सेंटारी तारा प्रणाली मे किसी ग्रह की खोज की यह पहली खबर नही है। 2012 मे कुछ वैज्ञानिको ने इस प्रणाली के सूर्य के जैसे तारे अल्फ़ा सेंटारी बी की परिक्रमा करते पृथ्वी के द्रव्यमान के तुल्य वाले ग्रह की खोज की घोषणा की थी। लेकिन बाद के निरीक्षणो के इस ग्रह के अस्तित्व की पुष्टि नही हो आयी थी। यह माना गया था कि प्राप्त आंकड़ो मे कोई त्रुटि थी तथा इस तारे की आंतरिक गतिविधियों ने वैज्ञानिको को भ्रमित कर दिया था। इस ग्रह को प्राक्सीमा बी नाम दिया गया है और इस खोज के पीछे पेल रेड डाट(धूंधला लाल बिंदु (Pale Red Dot) अभियान के वैज्ञानिक है। यह नाम कार्ल सागन द्वारा नामकरण किये गये पृथ्वी के प्रसिद्ध चित्र Pale Blue Dot से प्रभावित है। वैज्ञानिको के अनुसार यह खोज आश्चर्य मे डालने वाली नही है। पिछले दशक मे हुयी सौर बाह्य ग्रहों की खोज ने प्रमाणित किया है कि प्राक्सीमा सेंटारी जैसे लाल वामन तारों के पास ग्रहों के होने की संभावना अधिक होती है और इन तारो की परिक्रमा करते ग्रह छोटे, चट्टानी तथा सतह पर द्रव जल की उपस्थिति के लिये पर्याप्त रूप से उष्ण होते है।इस ग्रह को प्राक्सीमा बी नाम दिया गया है और इस खोज के पीछे पेल रेड डाट(धूंधला लाल बिंदु (Pale Red Dot) अभियान के वैज्ञानिक है। यह नाम कार्ल सागन द्वारा नामकरण किये गये पृथ्वी के प्रसिद्ध चित्र Pale Blue Dot से प्रभावित है। वैज्ञानिको के अनुसार यह खोज आश्चर्य मे डालने वाली नही है। पिछले दशक मे हुयी सौर बाह्य ग्रहों की खोज ने प्रमाणित किया है कि प्राक्सीमा सेंटारी जैसे लाल वामन तारों के पास ग्रहों के होने की संभावना अधिक होती है और इन तारो की परिक्रमा करते ग्रह छोटे, चट्टानी तथा सतह पर द्रव जल की उपस्थिति के लिये पर्याप्त रूप से उष्ण होते है।

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